वो तीन वजह जिसने बदल दी हार्दिक पंड्या की जिंदगी, 8 साल में कैसे बने कप्तान

भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या अपने करियर के सबसे बेहतरीन दौर से गुजर रहे हैं

हार्दिक को हाल ही में आयरलैंड दौरे के लिए टीम इंडिया की कप्तानी सौंपी गई है। इससे पहले उन्होंने ने अपनी कप्तानी में गुजरात टाइटंस को इंडियन प्रीमियर लीग 2022 का खिताब जिताया

हालांकि उनके लिए यह सब बिल्कुल भी आसान नहीं रहा। एक समय ऐसा भी था जब यह कहा जाने लगा कि उभरते हुए इस ऑलराउंडर का करियर खत्म हो गया है।

यह वही हार्दिक पंड्या हैं जिनकी तुलना कभी विश्व कप विजेता कप्तान और भारत के महान ऑलराउंडर कपिल देव से की गई थी लेकिन एक ऐसा दौर भी आया जब वह लगातार चोट के कारण भारतीय टीम से बाहर रहने लगे।

इसके बाद पांच बार की आईपीएल चैंपियन मुंबई इंडियंस का भी हार्दिक से भरोसा उठ गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी

इसके बाद उन्होंने अपनी फिटनेस पर कड़ी मेहनत किया और क्या खूब वापसी की।

हार्दिक पंड्या मुंबई इंडियंस के लिए साल 2015 में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ डेब्यू किया था।

यह पहली बार था जब इस छरहरे बदन के ऑलराउंडर को दुनिया ने पूरी नजर से देखा था। पहले ही मैच में हार्दिक ने अपनी बल्लेबाजी में ऐसा रंग दिखाया, जिससे साफ हो गया कि मुंबई के लिए वह तुरुप का इक्का साबित होने वाले हैं

उन्होंने सिर्फ 6 गेंदों का सामना किया जिसमें दो छक्के लगाकर 16 रन बनाए।

इसके बाद से वह मुंबई के लिए लगातार सात सीजन खेले जिसमें उन्होंने टीम को चैंपियन बनाने में भी अहम भूमिका निभाई

फिर क्या था लगातार बेहतरीन खेल का इनाम उन्हें टीम इंडिया में टी 20 के रूप में मिला। आईपीएल डेब्यू के अगले साल ही उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे पर टीम में शामिल कर लिया गया।

टी20 के बाद वनडे और फिर टेस्ट के बाद अब वह टीम के कप्तान बनने का तक भी सफर तय कर चुके है

ऐसे में यह निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि मुंबई इंडियंस के लिए खेलना हार्दिक के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ।

हार्दिक की कप्तानी में आईपीएल 2022 में धमाकेदार आगाज किया। टीम ने 14 में से 10 मुकाबले जीतकर लीग स्टेज में पहले स्थान पर अपने अभियान को समाप्त किया